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विश्व पर्यावरण दिवस 2021 और इथेनॉल मिश्रण 2020-2025 रिपोर्ट | World Environment Day 2021

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देश में इस दिवस को चिन्हित करने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका विषय था- ‘बेहतर पर्यावरण के लिए जैव ईंधन को बढ़ावा देना’ (Promotion of Biofuels for Better Environment)

इस कार्यक्रम का आयोजन केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से किया गया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देश में इथेनॉल क्षेत्र के विकास पर विशेष बल दिया।

इसके अलावा उन्होंने ‘भारत में इथेनॉल मिश्रण 2020-2025 के लिए रोड मैप पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट भी जारी की।

प्रधानमंत्री के सम्बोधन के प्रमुख बिन्दु

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इथेनॉल पर ध्यान देने से पर्यावरण के साथ-साथ किसानों के जीवन पर भी बेहतर प्रभाव पड़ रहा है।
  • उन्होंने कहा कि भारत, जलवायु न्यायकर्ता के रूप में उभर रहा है और इस अवसर पर भारत ने एक और बाद कदम उठाते हुए इथेनॉल क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत रोड मैप जारी किया है। क्योंकि अब इथेनॉल 21वीं सदी के भारत की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बन गया है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भारत की क्षमता 6-7 वर्षों में 250 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है और भारत आज स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष पाँच देशों में शामिल है।
  • प्रधानमंत्री ने पुणे में तीन स्थानों पर देश भर में इथेनॉल के उत्पादन और वितरण के लिए एक महत्त्वकांक्षी ई-100 पायलट परियोजना भी शुरू की है।
  • उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े वैश्विक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है जहाँ अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी दोनों एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
  • इस दिवस के उपलक्ष्य में सरकार एक E-20 अधिसूचना जारी कर रही है, जो तेल कंपनियों को 1 अप्रैल, 2023 से 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचने की अनुमति देगी।

भारत में इथेनॉल मिश्रण 2020-2025 रिपोर्ट के मुख्य तथ्य

  • यह रिपोर्ट नीति आयोग द्वारा और केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा तैयार की गई एक एक्सपर्ट कमिटी रिपोर्ट है।
  • इसमें बताया गया है कि वर्ष 2020-21 में $551 बिलियन की लागत से भारत का पेट्रोलियम का शुद्ध आयात 185 मिलियन टन था।
  • इथेनॉल ईंधन का वैश्विक उत्पादन 2019 में 110 बिलियन लीटर तक पहुँच गया, जो पिछले दशक के दौरान प्रति वर्ष 4% की औसत वृद्धि दर्शाता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील 92 बिलियन लीटर (वैश्विक हिस्सेदारी का 84%) के लिए योगदान करते हैं, इसके बाद यूरोपियन यूनियन, चीन, भारत, कनाडा और थाईलैंड का स्थान आता है।
  • भारत का 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प है।

इथेनॉल क्या है?

इथेनॉल प्रमुख जैव ईंधन में से एक है। यह एक वैकल्पिक ईंधन स्रोत होने के अलावा एक रासायनिक विलायक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

  • यह एक जल रहित एथिक अल्कोहल है, जिसका रासायनिक सूत्र C2H5OH होता है।
  • इथेनॉल के पेट्रोल के सम्मिश्रण से ईंधन का अधिक पूर्ण दहन संभव हो पाता है। जिसके परिणामस्वरूप पर्यावरण प्रदूषकों के उत्सर्जन में कमी आती है।
  • भारत में इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से किण्वन प्रक्रिया (Fermentation) द्वारा गन्ना के शीरा (Molasses) से किया जाता है।
  • इथेनॉल को अलग-अलग प्रकार के मिश्रण उत्पाद बनाने के लिए गैसोलीन के साथ मिश्रित किया जाता है।
  • इथेनॉल सम्मिश्रण की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि भारत आयातित कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है।

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम

  • इस कार्यक्रम को खाद्यान्न जैसे- मक्का, ज्वार, बाजरा आदि से ईंधन निकालने के लिए शुरू किया गया है।
  • इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) कार्यक्रम के तहत वर्तमान में तेल कंपनियों द्वारा अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E10) की बिक्री की जाती है।
  • इसका उद्देश्य पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण कर पर्यावरण को जीवाश्म ईंधनों के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से बचाना, किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाना तथा कच्चे तेल के आयात को कम कर विदेशी मुद्रा बचाना है।
  • इसके अलावा E20 ईंधन, गैसोलीन और इथेनॉल (20%) का मिश्रण होता है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2021

  1. विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment DayWED) प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
  2. विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में शुरुआती चर्चा वर्ष 1972 में मानव पर्यावरण पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान हुई थी।
  3. पहले विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन 1974 में किया गया था।

विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य

इस दिवस का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाना है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम

  • विश्व पर्यावरण दिवस पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration) पर केंद्रित है और इस वर्ष की इसकी थीम Reimagine, Recreate, Restore रही।
  • विश्व पर्यावरण दिवस 2020 का विषय था- Celebrate Biodiversity
  • गौरतलब है कि 1974 के प्रथम विश्व पर्यावरण दिवस का विषय था- केवल एक पृथ्वी (Only One Earth)

विश्व पर्यावरण दिवस के मेज़बान देश

  • हर बार अलग-अलग देश विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी करते हैं जिसमें इससे संबंधित आधिकारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
  • इस वर्ष यानि 2021 में इसका वैश्विक मेज़बान पाकिस्तान है।
  • वर्ष 2020 में इस दिवस की मेज़बानी कोलंबिया ने जर्मनी के साथ मिलकर की थी।

अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य

  1. इस अवसर पर UN Decade on Ecosystem Restoration 2021-2030 को भी लॉन्च किया है।
  2. इस दशक का उद्देश्य हर महाद्वीप और हर महासागर में पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण को बचाना, रोकना और वापस पलटना है। यह मानव और प्रकृति के बीच के संबंधों को पुनर्स्थापित करने वाली एक वैश्विक पहल है।

पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली का अर्थ

  • पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली का अर्थ है इस क्षति को बचाना, रोकना और वापस पलटना तथा प्रकृति के दोहन से ही ठीक करना अर्थात् उन पारिस्थितिकी तंत्रों की वसूली में सहायता करना जो कि खराब या नष्ट हो चुके हैं, साथ ही उन पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण करना जो अभी भी बरकरार हैं।
  • यह बहाली कई तरीकों से हो सकती है जैसे- सक्रिय रूप से रोपण के माध्यम से या उस पर पड़ने वाले दबावों को हटाकर ताकि प्रकृति अपने आप ठीक हो सके।

Environment Performance Index (EPI) 2020

  • यह सूचकांक इसमें शामिल देशों के लिए पर्यावरणीय प्रदर्शन की तुलना, उसके विश्लेषण और उसको समझने के लिए एक मात्रात्मक आधार प्रदान करता है।
  • पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI) 2020 में दुनिया भर में स्थिरता (sustainability) की स्थिति का डेटा-संचालित सारांश प्रदान करते हुए 11 समस्यात्मक श्रेणियों में 32 प्रदर्शन संकेतकों का उपयोग करते हुए 180 देशों को पारिस्थितिकी स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र की vitality पर रैंक दी गयी है।
  • इसमें भारत को 168वीं रैंक दी गयी जिसमें इसका EPI स्कोर 27.6 रहा।
  • इसमें शीर्ष स्थान (82.5 स्कोर सहित) डेनमार्क ने जबकि अंतिम यानि 180वें स्थान पर लाइबेरिया (22.6 स्कोर सहित) रहा।
  • इसमें पाकिस्तान, नेपाल, चीन, सऊदी अरब, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान जैसे देश क्रमशः 142वें, 145वें, 120वें, 90वें, 24वें, 12वें स्थान पर रहे।
  • गौरतलब है कि ये संकेतक राष्ट्रीय स्तर पर एक मापदंड प्रदान करते हैं कि देश पर्यावरण नीति लक्ष्यों को स्थापित को स्थापित करने के कितने करीब हैं।
  • EPI एक स्कोरकार्ड प्रदान करता है जो पर्यावरण प्रदर्शन में पिछड़ेपन को उजागर करता है और उन देशों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करता है जो एक स्थाई (sustainable) भविष्य की ओर बढ़ने की इच्छा रखते हैं।

सारांश

इथेनॉल न केवल ऊर्जा का एक स्वच्छ स्रोत है बल्कि देश की आयातित कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता को भी कम करने में सहायक होगा। किन्तु भारत में उत्पादित इथेनॉल की कीमतें अन्य वैश्विक प्रदाताओं की तुलना में अधिक हैं इसलिए आवश्यक है कि कीमतों के निर्धारण में अधिक पारदर्शिता प्रदान की जानी चाहिए।

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